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देश की उन्नति के लिए अध्यात्म का विकास आवश्यक - स्वामी पीठाधीश्वर चिदात्मन जी महाराज, प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजो अभियान का किया गया शुभारंभ

 

मलमास मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिलाने के लिए मिथिला से प्रधानमंत्री को भेजेंगे एक लाख एक पोस्टकार्ड

प्रधानमंत्री को एक हजार से अधिक पोस्टकार्ड भेजने वालों को मेला में किया जायेगा सम्मानित



Bihar प्रदेश के Rajgir के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक मलमास मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने के लिए P.M Narendra Modi को पोस्टकार्ड भेजने के अभियान का शुभारंभ Begusarai के सिमरिया धाम के पीठाधीश्वर स्वामी चिदात्मन जी महाराज ( फलाहारी बाबा) द्वारा किया गया.

 सर्वमंगला आध्यात्म योग विद्यापीठ सिद्धाश्रम मां कालीधाम, गंगाघाट सिमरिया धाम बेगूसराय में अभियान का श्रीगणेश करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह Magadh द्वारा एक लाख एक पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजने का काम किया जा रहा है, उसी तरह राजगीर के मलमास मेला को राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने हेतु एक लाख एक पोस्टकार्ड Mithila से भी प्रधानमंत्री को भेजा जायेगा. 

उन्होंने घोषणा किया कि इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री को एक हजार या उससे अधिक पोस्टकार्ड भेजने वालों को राजगीर मलमास मेला में उनके द्वारा सम्मानित किया जायेगा.



पीठाधीश्वर स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि देश के विकास के लिए अध्यात्म का विकास आवश्यक है. Bharat की संस्कृति और संस्कार World के लिए अनुकरणीय रहा है. शांति की प्राप्ति तथा राष्ट्र व समाज के सर्वांगीण विकास में आध्यात्म की अहम भूमिका है. उन्होंने कहा कि विश्व में अध्यात्म और तप के लिए राजगीर का स्थान सर्वोपरि है. 



देश में 12 कुंभ मेला के साथ ही तीन साल पर मलमास मेला ( पुरुषोत्तम मास मेला) का आयोजन सदियों से राजगीर में लगता आ रहा है. इस मेला में देश के अलावा नेपाल, मॉरीशस आदि देशों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते रहे हैं. लघु भारत का दृश्य मेला में उभर कर सामने आता है. 



राजगीर अनादि काल से तपोभूमि रही है. यह भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र ऋषि कश्यप की पवित्र भूमि है. इन सबों के कारण भी राजगीर की विशिष्ट पहचान है. फलाहारी बाबा ने कहा कि देश में राजगीर सर्वधर्म समभाव की अनूठी धरती है. वहां सभी धर्मों के लोग हिलमिल कर रहते है. 



बिहार सरकार ने मलमास मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिया है. उसका असर मेला व्यवस्था में देखने को मिल चुका है. इस मेला को उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय मेला का दर्जा बहुत आवश्यक है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह राजकीय मेला का दर्जा देने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिलचस्पी ली गयी थी, उसी तरह इसे राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिलाने में भी दिलचस्पी लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आसन्न मलमास मेला 2023 राष्ट्रीय मेला के रुप में आयोजित किया जाएगा.

Barauni Refinary के अधिकारी राकेश बिहारी उपाध्याय ने कहा कि बरौनी सहित मिथिला के जिलों में उनके द्वारा बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'पोस्टकार्ड भेजो अभियान' चलाया जाएगा. मौके पर प्रकृति के सचिव वरिष्ठ पत्रकार रामविलास, राजगीर तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा कमिटि के प्रवक्ता सुधीर कुमार उपाध्याय, बादल कुमार उपाध्याय आदि मौजूद थे.


स्वामी चिदात्मन जी महाराज द्वारा प्रधानमंत्री जी को भेजा गया पत्र


परमात्मीय, आत्मवत, आत्मदर्शी, मननशील, मनीषी प्रवर, विदेह, विज्ञानवेता, स्वनामधन्य माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी,


भगवन,


विनम्र निवेदन है कि अनादि काल से भारत आध्यात्मिक अनुसंधान के लिए विश्व विख्यात है. अपौरुषेय वेद विश्व पुस्तकालय का आदि ग्रंथ है. वेदांग के अनुसार भारत में द्वादश वर्षीय द्वादश महाकुंभ योग के साथ-साथ प्रत्येक तीन वर्षों पर पुरुषोत्तम मास मेला (मलमास मेला) के लिए बिहार के नालंदा जिले का राजगृह विख्यात है. राष्ट्रीय स्तर का यह दिव्य विशिष्ट तपःस्थलीअभी तक राजकीय मेला के नाम से ही जाना जाता है. कृपा कर इसे राष्ट्रीय मेला का दर्जा देकर अपने कर कमलों से आने वाले पुरुषोत्तम मास मेला का 18 जुलाई 2023 ईस्वी को उद्घाटन कर अमर कृति स्थापित करने की कृपा की जाय.

                  

                                                           भवदीय,

                                                          चिदात्मन

                              सर्व मंगला अध्यात्म योग विद्यापीठ

                                सिद्धाश्रम, माँ काली धाम

                 सिमरिया धाम, बेगूसराय, बिहार- 851126


श्री नरेन्द्र मोदी जी

प्रधानमंत्री, भारत सरकार,

साउथ ब्लॉक, नई  दिल्ली - 110011







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