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अगलगी से किसानों के सैकड़ों बीघा खेत में लगी गेहूं की फसल जलकर खाक


Bihar News : Nawada : नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखण्ड क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए मूल्य की संपत्ति आगलगी में जलकर राख हो जाती है, जिसमें अधिकांश घटनाएं खेतों में पराली जलाने और बिजली की चिंगारी गिरने से होती है. रविवार को प्रखंड क्षेत्र के पांच गांव गौड़ापर, पैंगरी , मीरचक, कुंभी, बासोचक और मीरबीघा में गेंहू की फसल में आग लगने की घटना हुई, जिसमें लाखों रुपए मूल्य की तैयार गेहूं की फसल जलकर राख हो गई. इस बार गर्मी शुरू होते ही खेतों, दुकानों व अन्य स्थानों में हर रोज अगलगी की घटनाएं घट रही है, जिससे क्षेत्र के किसान व बुद्धिजीवी वर्ग चिंतित हैं. 
बता दें कि प्रखंड क्षेत्र में धान के साथ-साथ गेहूं की अच्छी फसल होती है. फसल को घर लाने के लिए मजदूरों की आवश्यकता होती है. लेकिन मजदूरों के पलायन के कारण किसानों को अपने फसल को घर लाने के लिए मशीन से कटिंग करना ही एकमात्र विकल्प है. मशीन से कटिंग करने के बाद अगली फसल खेतो में लगाने के लिए फसल के डंठल को साफ करने के लिए मजदूरों के अभाव के कारण उसे जलाना ही एकमात्र विकल्प है. पराली जलाने से जहां फसल की कटिंग किए हुए खेत के खरपतवार नष्ट हो जाते हैं, वहीं हर रोज अगलगी की घटनाये घट रही है.

ऐसे में अगर पछुआ हवा चल रही होती है तब पराली जलने से उड़ने वाली चिंगारी पास की फसल पर जा गिरती है और देखते ही देखते गेहूं की खड़ी या कटनी कर दौनी के लिए रखी फसल राख में तब्दील हो जाती है. प्रखंड के गोड़ापर और पैंगरी गांव में रविवार की दोपहर 11 हजार बोल्ट बिजली तार से गिरी चिंगारी से लगभग 100 बीघा में लगे गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई.

अगलगी में दर्जनों किसान के समक्ष सालों भर खाना खाने के लिए उत्पन्न हो गई संकट :

इस संबंध में पैंगरी निवासी समाज सेवी सुधांशु कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले भी बिजली की चिंगारी गिरने से आग लगी थी. लेकिन ग्रामीणों द्वारा उस पर तत्काल काबू पा लिया गया. बताया कि रविवार को गोड़ापर और पैंगरी के बीच स्थित खैरा खंधा में नगीना प्रसाद, सतविजय कुमार सोनू, सरवन महतो, डॉ. गिरीश प्रसाद, उमेश पासवान, अनिल प्रसाद सहित लगभग दो दर्जन से अधिक किसानों के सैकड़ो बीघा में लगी गेहूं की फसल जल गई. जिससे दर्जन भर से अधिक किसान बिना गेहूं के हो गए हैं.

आग लगने की घटना के बाद स्थानीय थाना से मिनी दमकल पहुंचा. लेकिन तब तक लाखो रुपए मूल्य की गेहूं की फसल जलकर राख हो चुकी थी. इसी प्रकार प्रखंड के वासोचक, मीरबीघा और मिरचक गांव में कई एकड़ में लगी गेहूं की फसल में आग लगी, जिससे लाखों रुपए मूल्य के दर्जनों किसानों के गेहूं की फसल जलकर राख हो गई.

 जिले में सबसे अधिक आगलगी की घटना के बावजूद प्रखंड में एकमात्र मिनी दमकल :

नवादा जिला में सबसे अधिक अगलगी की घटनाएं वारिसलीगंज क्षेत्र में घटती है. यह बातें लोगों को आग लगने की घटनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए आयोजित बैठक व सेमिनार में अग्निशमन के अधिकारी भी कई बार स्वीकार कर चुके हैं. बावजूद हर रोज घट रही घटनाओं से निजात दिलाने के लिए प्रखंड में एकमात्र मिनी दमकल मौजूद है, जो हर रोज कई स्थानों पर हो रही घटनाओं के लिए नाकाफी साबित होती है.

वहीं, कोई बड़ी अगलगी घटना हो जाने पर नवादा से बड़ा दमकल मंगाया जाता है, तब तक लाखों रुपए मूल्य की फ़सल या संपत्ति जलकर राख हो जाती है. रविवार को ही अलग-अलग दिशा में रहे पांच गांव में आगलगी की घटना हुई, जिसे बुझाने के लिए मिनी दमकल दिन भर दौड़ लगाते रहा. लेकिन घटनास्थल पर दमकल पहुंच पाता तब तक किसानो की फसल जलकर राख हो गई. इसप्रकार की घटनाओं पर JDU के जिला महासचिव Advocate चंद्रमौलि शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र व बिहार सरकार से पीड़ित किसानों को क्षति पूर्ति राशि देने की मांग की है.


                                -- चंद्रमौलि शर्मा / संतोष कुमार संटू.


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