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अधूरा लटका नाला निर्माण कार्य वारिसलीगंज नगर परिषद वार्ड 6 के लोगों के लिया बना जी का जंजाल

Bihar News : Nawada : नवादा जिले के वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्य अगर लोगों की जिंदगी आसान बनाने के बजाय उन्हें अपने ही घरों में कैद कर दे, तो सवाल उठना लाजिमी है. ऐसा ही मामला नगर परिषद वार्ड संख्या-6 के मुड़लाचक देवीस्थान से सेवकस्थान जाने वाली पक्की गली में सामने आया है, जहां जल निकासी की समस्या दूर करने के नाम पर बनाया जा रहा नाला अब खुद लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात के दिनों में गली में पानी जमा होने की समस्या थी. इसके समाधान के लिए मोहल्लेवासियों ने नगर परिषद से नाली निर्माण की मांग की थी. शिकायत के बाद पानी की तत्काल निकासी कराकर नाली निर्माण की स्वीकृति दी गई. लोगों को उम्मीद थी कि अब जलजमाव से राहत मिलेगी, लेकिन नाली निर्माण का तरीका ही परेशानी की नई वजह बन गई.

लोगों का आरोप है कि संवेदक ने पहले से बनी पक्की गली को ऊंचा कर उसके ऊपर नाली का निर्माण शुरू कर दिया. मोहल्लेवासियों द्वारा विरोध करने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया. नतीजा यह हुआ कि घरों की नालियां नई नाली से नीचे हो गईं और उनका गंदा पानी गली में जमा रहने लगा.


सबसे बड़ी विडंबना यह है कि करीब छह फीट चौड़ी गली में लगभग तीन फीट ऊंची नाली की दीवार खड़ी कर दी गई है, जबकि बची जगह में गंदा पानी जमा है. ऐसे में लोगों के लिए घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है. बुजुर्गों को ऊंची दीवार पार करके आने-जाने में परेशानी हो रही है और स्थानीय लोगों के अनुसार कई बुजुर्ग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं.



मोहल्लेवासियों का कहना है कि जिस नाली का उद्देश्य जलजमाव खत्म करना था, वही अब जलजमाव और आवागमन की समस्या को और गंभीर बना रही है. चार महीने से स्थिति जस की तस बनी हुई है.

स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के कनीय अभियंता को समस्या की जानकारी देने का दावा किया है, लेकिन आरोप है कि अब तक स्थल का समुचित निरीक्षण नहीं किया गया. अध्यक्ष प्रतिनिधि को भी मामले की जानकारी देने की बात कही गई है.

लोगों का सीधा सवाल - आखिर किसके लिए है यह विकास ?

मोहल्लेवासियों ने मांग की है कि गलत तरीके से बनाई गई नाली की तकनीकी जांच कर उसे तोड़ा जाए और सड़क की वास्तविक ऊंचाई तथा घरों की जल निकासी को ध्यान में रखते हुए दोबारा निर्माण कराया जाए. साथ ही निर्माण में सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच कर दोषी पाए जाने वाले संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है.

लोगों का कहना है कि सरकारी योजना का मकसद जनता को सुविधा देना है, न कि लोगों को अपने घरों से निकलने के लिए नाली की दीवार फांदने पर मजबूर करना. अब देखना होगा कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेती है और मोहल्लेवासियों को गंदगी, जलजमाव और आवागमन की परेशानी से कब राहत मिलती है. 

                                      - कृष्णा कुमार 'चंचल'

                                             

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