सूरज ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित होकर लहराया वारिसलीगंज क्षेत्र की प्रतिभा का परचम, युवाओं के बने प्रेरणा स्रोत
सूरज की इस शानदार सफलता की खबर मिलते ही पूरे वारिसलीगंज क्षेत्र में उनके शुभचिंतकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. परिजनों, शिक्षकों, पत्रकारों, मित्रों और शिक्षाप्रेमियो ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
वारिसलीगंज से दिल्ली तक का सफर, अब बने असिस्टेंट प्रोफेसर :
सूरज कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर मैट्रिक तक की पढ़ाई विवेकानंद पब्लिक स्कूल, वारिसलीगंज से पूरी की. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद सेंट्रल स्कूल से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की.
पढ़ाई के प्रति गंभीरता, लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत ने सूरज को सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाया. असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर उन्होंने न केवल अपने माता-पिता और परिवार का मान बढ़ाया, बल्कि वारिसलीगंज की प्रतिभा का परचम भी बुलंद किया है.
युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत :
सूरज कुमार की सफलता से क्षेत्र के युवाओं में उत्साह का माहौल है. बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि सूरज की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों, निरंतर मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास से हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है.

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