Bihar News : Nawada : 24 वर्षों पूर्व Bihar के नवादा जिलांतर्गत वारिसलीगंज में BDO रह चुके अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने Jharkhand के चतरा जिला के उप विकास आयुक्त पद से पिछले महीने सेवानिवृत होने के बाद रविवार को परिवार सहित वारिसलीगंज प्रखंड सह नगर परिषद मुख्यालय पहुंच कर अपनी पुरानी यादों को ताजा किया.
सबसे पहले पूर्व DDC अमरेंद्र कुमार सिन्हा पत्नी श्वेता सिन्हा तथा परिजनों के साथ वारिसलीगंज मेन रोड के मुडलाचक वार्ड संख्या 6 स्थित "कैलाशपुरी" पहुंचे जहां प्रखंड साक्षरता सचिव अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, साक्षरताकर्मी अनिल कुमार, शिक्षाविद डा. गोविन्द जी तिवारी, मुखिया राजकुमार सिंह, सभापति सिंह तथा राजाराम यादव ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
"कैलाशपुरी" में भोजनोपरान्त विदाई के बाद श्री सिन्हा परिजनों के साथ शांतिपुरम सूर्यमंदिर परिसर पहुंचे। वहां सत्येंद्र-आशुतोष द्वार पर 2004 में उद्घाटन वक्त पत्नी के साथ-साथ अपना नाम संगमरमर में अंकित देख वे भावुक हो गए. फब्बारा युक्त छठ तालाब, हरे-भरे पेड़-पौधे तथा रंग-बिरंगी फूल-पत्तियों के साथ भगवान सूर्यदेव मंदिर तथा देवाधिदेव महादेव मंदिर का उन्होंने दर्शन किया.
तत्पश्चात श्री सिन्हा सूर्यमंदिर तालाब के दक्षिण ओर स्थित स्वामी सहजानंद संस्कृत महाविद्यालय पहुंचकर शिक्षाविद डा. गोविंद जी तिवारी के प्रयासों की सराहना की. वहां श्री सिन्हा एवं उनके परिजनों को डॉ. गोविंद जी तिवारी, मुखिया राजकुमार सिंह, चंद्रमौलि शर्मा तथा अनिल कुमार ने पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया.
फिर प्रखंड कार्यालय परिसर में ध्वस्त हो चुके बीडीओ आवास के पास जाकर अपनी पुरानी यादों में सपरिवार श्री सिन्हा खो गए. वहीं स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी से मुलाकात हुई. उन्होंने भी श्री सिन्हा का स्वागत किया. इसके बाद प्रसन्नता पूर्वक वे वारिसलीगंज से सपरिवार पटना के लिए प्रस्थान कर गए.
बता दें कि अमरेंद्र कुमार सिन्हा 2002 के बाद वारिसलीगंज के बीडीओ थे, उस समय यह पूरा क्षेत्र जातीय हिंसा-प्रतिहिंसा की ज्वाला में धधक रहा था. उस समय काफी सूझ-बूझ और कुशल प्रशासनिक क्षमता से उन्होंने अपना काम दृढ़ता पूर्वक निभाया था.
उस वक्त वे वारिसलीगंज के अंचल अधिकारी तथा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी भी थे. बाद में उनका राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार में उप निदेशक के रूप पदोन्नति हुआ. फिर बिहार-झारखंड बंटबारा के बाद वे झारखंड चले गए जहां JPSC का संयुक्त निदेशक, SDO तथा DDC बनकर उन्होंने अपनी सेवाएं दीं.
बताया जाता है कि जहां-जहां वे पदस्थापित रहे, उन्हें अनुशासन प्रिय पदाधिकारी के रूप में जाना जाता है. पुराने कार्यकाल के लोगों के साथ अपने मधुर संबंधों को सहेज कर रखने में श्री सिन्हा को महारत हासिल है, ऐसा उनके करीबियों का मानना है.
- चंद्रमौलि शर्मा.
DDC से पिछले माह सेवानिवृत्त होने के बाद वारिसलीगंज सपरिवार पहुंचकर अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने अपनी पुरानी यादों को किया ताजा
Reviewed by News today 365
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July 27, 2026
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