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एस.एन. सिन्हा कॉलेज के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक श्यामसुंदर सिंह तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सत्येंद्र नारायण सिन्हा की प्रतिमाओं का हुआ भव्य अनावरण


Bihar News : Nawada : नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड सह नगर परिषद मुख्यालय स्थित एस.एन. सिन्हा कॉलेज परिसर शनिवार को उस समय ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब कॉलेज के संस्थापक, स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक श्यामसुंदर सिंह तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सत्येन्द्र नारायण सिन्हा की प्रतिमाओं का संयुक्त रूप से समारोहपूर्वक अनावरण किया गया.

इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बिहार सरकार के उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिलीप कुमार केसरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

अपने संबोधन में मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि समाज को बदलने की क्षमता जिन लोगों में होती है, इतिहास उन्हीं को याद रखता है. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी जो व्यक्ति समाज के लिए रास्ता निकालता है, वही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विकास तभी संभव है, जब जनता की सक्रिय सहभागिता हो. जिन महान विभूतियों ने समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया, उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करना हम सभी का कर्तव्य है.

मंत्री ने कहा कि कॉलेज परिसर में स्थापित दोनों प्रतिमाएं विद्यार्थियों और समाज को शिक्षा, सेवा और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रेरित करती रहेंगी. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शायराना अंदाज में कहा— “कल जहां कोई और था, आज वहां कोई और है, वह भी एक दौर था, अब भी एक दौर है.”

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कॉलेज में Post graduate (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग भी रखी. इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के विस्तार के लिए गंभीर है और आवश्यक पहल की जाएगी 

कुलपति ने संस्थापकों के योगदान को बताया अनुकरणीय :

मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिलीप कुमार केसरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सत्येन्द्र नारायण सिन्हा ने वर्ष 1962 में शिक्षा मंत्री रहते हुए मगध विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्हीं से प्रेरणा लेकर स्वतंत्रता सेनानी सह पूर्व विधायक श्यामसुंदर सिंह ने वारिसलीगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा का दीप जलाने का कार्य किया. उन्होंने कहा कि जिस समय जिले के अधिकांश क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, उस समय एस.एन. सिन्हा कॉलेज की स्थापना दूरदर्शी सोच का परिचायक थी.

पीजी की पढ़ाई शुरू करने की मांग पर कुलपति ने जानकारी दी कि संबंधित प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है.

प्राचार्य ने रखी शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग :

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. (प्रो.) रामचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कॉलेज में दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं की स्थापना उनका लंबे समय से सपना था, जो आज साकार हुआ है. उन्होंने कॉलेज में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि पहले कॉलेज में 17 शिक्षक थे, जिनमें से पांच शिक्षकों को नए डिग्री कॉलेजों का प्राचार्य बना दिया गया है. उन्होंने कुलपति से मांग की कि जब तक नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक यहां से किसी शिक्षक की प्रतिनियुक्ति नहीं की जाए.

जनप्रतिनिधियों ने भी रखीं महत्वपूर्ण मांगें :

कार्यक्रम में विधायक अनिता देवी, पूर्व विधायक अरुणा देवी, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार, जिला पार्षद गीता देवी, प्रखंड प्रमुख रवि देवी, संस्थापक सदस्य के पौत्र डॉ. कुमुद शर्मा तथा महासंघ के संरक्षक गंगा प्रसाद झा सहित कई गणमान्य लोगों ने कॉलेज में शिक्षकों की कमी दूर करने और पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग दोहराई.

इस अवसर पर कुलपति, मंत्री तथा अन्य अतिथियों को कॉलेज परिवार की ओर से शॉल, बुके और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. पूर्व प्राचार्य डॉ. राम उदित प्रसाद सिंह, प्रो. सत्यनारायण सिंह, प्रो. जयराम शर्मा, प्रो. शंभु शरण सहित कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया.

संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन : 

समारोह के दौरान बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी महासंघ ने उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए वेतन, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की. महासंघ ने कहा कि राज्य के लगभग 70 प्रतिशत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संबद्ध डिग्री कॉलेजों के माध्यम से मिलती है, लेकिन वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है.

ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष प्रो. नरेंद्र सिंह, सचिव बांके बिहारी सिंह, संजय कुमार पांडेय, स्व. श्यामसुंदर बाबू के पौत्र सह कर्मचारी यूनियन नेता गोपेश कुमार उर्फ पप्पू सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे.

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रतिनिधियों ने भी मंत्री और कुलपति को आवेदन देकर जिले के महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम तथा एस.एन. सिन्हा कॉलेज में वोकेशनल कोर्स शुरू कराने की मांग की.

‘बेहया’ पुस्तक का हुआ विमोचन :

कार्यक्रम का एक और विशेष आकर्षण नवादा जिले के खैरा खुर्द निवासी युवा कवि प्रवेश कुमार सिन्हा द्वारा लिखित पुस्तक “बेहया” का विमोचन रहा. उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिलीप कुमार केसरी ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया.

कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रो. आलोक कुमार ने पुस्तक के बारे में बताया कि “बेहया” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि समाज के उपेक्षित, साधारण और संघर्षशील लोगों के जीवन को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास है. पुस्तक में प्रकृति, संवेदनशीलता और मानवीय जीवन के अनेक पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है.

बड़ी संख्या में जुटे शिक्षक, छात्र और गणमान्य लोग :

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम, कॉलेज के शिक्षक, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के बुद्धिजीवी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. अंत में प्रो. रामाशीष प्रसाद सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया.

यह समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, सामाजिक दायित्व, उच्च शिक्षा के विस्तार और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को लेकर गंभीर विमर्श का मंच भी बना. क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि कॉलेज में जल्द ही पीजी एवं नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू होंगे, जिससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे.

सबसे पहले वारिसलीगंज बाई पास के चंदन सिंह चौक पर भाजपा तथा जदयू कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा सह विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर का भव्य स्वागत किया. तत्पश्चात, मंत्री जी ने शहीद चंदन सिंह की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन चढ़ाए. 

मौके पर प्रखंड बीस सूत्री समिति अध्यक्ष सह भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुमन कुमार, बीस सूत्री प्रखंड उपाध्यक्ष अजय कुमार राय, जिला दिशा समिति सदस्य विजय कुमार राय, जदयू जिला महासचिव अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, महेश भाई पटेल, रणविजय कुमार, रंजन कुमार, शंभू कुमार मुन्ना, संजीव कुमार दीपू, सोनू मालाकार, टुन्ना मांझी, राहुल कुमार, उमेश प्रसाद, बिनोद कुमार सिंह आदि चंदन सिंह चौक पर उपस्थित थे.

                                        - चंद्रमौलि शर्मा.

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