Bihar News : Nawada : RSS के भीष्म पितामह ब्रह्मदेव प्रसाद का शनिवार की देर रात्रि करीब 1:30 बजे नवादा पुरानी बाजार स्थित अपने घर पर निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे. ब्रह्मदेव जी के निधन की अचानक खबर सुनकर जिलावासी स्तब्ध रह गए. इससे जिला वासियों में शोक की लहर दौड़ गई.
स्व. ब्रह्मदेव प्रसाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निवर्तमान सह जिला संघचालक तथा वाल विद्या मंदिर, गढ़पर, नवादा के संस्थापक प्रधानाध्यापक थे. स्व. प्रसाद का संपूर्ण जीवन संघर्ष से भरा रहा. बाल्य काल से जीवन पर्यंत वे संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक रहे. संघ पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण उन्होंने वर्षों तक जेल की यातनाएं सही.
संघ के मुख्य शिक्षक से लेकर जिला, विभाग एवं प्रांत स्तर तक का दायित्व उन्होंने बखूबी संभाला. अंतिम सांस तक वे संघ की शाखा से जुड़े रहे. वे स्वयंसेवकों के परम हितैषी थे. उनका जीवन प्रेम, समर्पण, अनुशासन, सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति तथा परोपकार में बीता. उनके निधन की खबर ने सबों को मर्माहत कर दिया.
आरएसएस के साथ ही समाज के हर वर्ग के बीच उनकी अच्छी पकड़ थी. चुनाव के दौरान वे संकट मोचक की भूमिका निभाते थे. लोग न तो उनकी बात का बुरा मानते थे और न उनकी बात उठाते थे. गायन - वादन से भी उनका काफी लगाव रहा. वे स्व. अटल बिहारी वाजपेई, स्व. कैलाशपति मिश्र, लालकृष्ण आडवाणी, गोविंदाचार्य, डा. मोहन भागवत जैसे संघ तथा भाजपा के प्रमुख हस्तियों के काफी करीब रहे.
ब्रह्मदेव प्रसाद के निधन पर आरएसएस के विभाग संघचालक डा. अशोक कुमार, जिला संघचालक डा. मनुजी राय, शिक्षाविद डॉ. गोविंद जी तिवारी, सह जिला संघचालक डा. रणजीत कुमार, सह विभाग कार्यवाह प्रदीप कुमार, जिला कार्यवाह उदयशंकर प्रसाद,
अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, नवीन कुमार, राधेश्याम चौधरी, अरविंद गुप्ता, उमाशंकर प्रसाद, जिला प्रचारक रंजन कुमार, विजय कुमार राय, मधुसूदन प्रसाद, दामोदर प्रसाद, सविनय प्रसाद, सुधीर कुमार, शंभू शरण, लक्ष्मण प्रसाद आदि ने गहरा दुख प्रकट किया है.
- चंद्रमौलि शर्मा.
RSS के भीष्म पितामह ब्रह्मदेव प्रसाद के निधन से जिलावासियों में शोक की लहर
Reviewed by News today 365
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May 09, 2026
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