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पुलिस ने छापेमारी कर 7 Cyber अपराधियों को किया गिरफ्तार, आधा दर्जन साइबर अपराधी फरार, 9 मोबाइल व 4 पेज कस्टमर डाटा शीट बरामद

Bihar News : Nawada : Cyber अपराधी प्रतिदिन नए-नए तरकीब निकालकर लोगों को ठगने का काम कर रहा है. कभी ब्रांडेड कंपनी, गैस एजेंसी, पेट्रोल पम्प का एजेंसी, सस्ते दर पर ऋण दिलाने तो कभी Sms के माध्यम से मैसेज भेजकर भोले-भाले लोगों को ठगने का काम कर रहा है.

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार तथा SP अभिनव धीमान के आदेश पर साइबर अपराधियों को जड़ से समाप्त करने को लेकर पुलिस ऑपरेशन फायरवॉल चला रही है. इसी कड़ी में नवादा जिेले की वारिसलीगंज पुलिस ने थाना क्षेत्र के पैंगरी गांव से 7 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. जबकि पुलिस को आते देख आधा दर्जन से अधिक साइबर अपराधी भागने में सफल रहे. 

गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 9 मोबाइल एवं 4 पेज कस्टमर डेटाशीट बरामद किया. इस संबंध में पुलिस कार्यालय  सभागार में DSP मुख्यालय निशु मल्लिक ने प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी.

डीएसपी ने बताया कि वारिसलीगंज पुलिस को थाना क्षेत्र के पैंगरी गांव में घर में बैठकर ठगी करने की सूचना मिली. सूचना से वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया. सूचना बाद एसपी ने थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई का आदेश दिया.

गठित टीम में वारिसलीगंज थानाध्यक्ष Inspector पंकज कुमार सैनी, SI अखिलेश्वर सिंह, PSI जयप्रकाश कुमार तथा ASI पप्पू कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया. उन्होंने बताया कि गठित टीम ने उक्त घर का घेराबंदी कर 7 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जबकि कई ठग पुलिस को देखकर भागने में सफल रहा.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार ठग थाना क्षेत्र के पैंगरी गांव निवासी मदन प्रसाद के पुत्र गिरिश कुमार, स्व. प्रगास प्रसाद के पुत्र राजेश कुमार, शिव कुमार प्रसाद के पुत्र अनिश कुमार, शिव कुमार के पुत्र मनीष कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद के पुत्र मनीष कुमार उर्फ मन्नु, गोड़ापर गांव निवासी रामस्वरूप मिस्त्री के पुत्र विक्रम कुमार तथा शेखपुरा जिला अंतर्गत बरबिघा थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव निवासी बालेश्वर प्रसाद के पुत्र विमलेश कुमार शामिल है.

DSP ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधी ऑल इंडिया ईस्लामिक बैंक के अलावा अन्य फाईनेंस कम्पनी से सस्ते दर पर लोन दिलाने के नाम पर ठगने का काम करता था.

फरार हुए लगभग आधा दर्जन से अधिक साइबर अपराधियों को चिन्हित कर नामजद करते हुए थाना कांड संख्या-494/25 दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

पुलिस गिरफ्त में आये साइबर अपराधी ने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि संगठित गिरोह के सरगना के निर्देश पर कार्य करते हैं. उन्हें राशि ठगी करने के एबज में बंधी बंधाई हिस्सेदारी मिलती है. डीएसपी ने बताया कि फरार ठगों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

स्थानीय थाना पुलिस तथा साइबर थाना पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है. कम समय में अधिक धन कमाने की ललक में ठगी रोजगार का जरिया बना रहे हैं युवा.

बता दें कि तीन हफ्ता के अंदर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से वर्ष दर्जन से अधिक साइबर ठगों की गिरफ्तारी हुई है. बावजूद साइबर ठगी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. रुके भी तो कैसे ?.घर बैठे बिना पूंजी के बहुत ही कम समय में लखपति-करोड़पति बनने की ललक में 14 वर्ष के किशसे लेकर 45-50 वर्ष उम्र के युवा ठगी के धंधे को कारोबार बना रखा है. इससे लोगों का भविष्य खराब होता जा रहा है.

                                                - चंद्रमौलि शर्मा.

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