Bihar News : Nawada : नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के निर्माणाधीन adani ग्रुप की Ambuja सीमेंट फैक्ट्री में बिजली आपूर्ति का मामला लगातार गहराता जा रहा है. बिना पूर्व सूचना खेतीहर और आवासीय भूमि से 133 के.वी हाई वोल्टेज विद्युत् लाइन बिछाने और टावर निर्माण को लेकर चैनपुरा के ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को फूट पड़ा.आक्रोशित ग्रामीणों ने कार्य स्थल पर पहुंचे बिजली कर्मियों को काम रोकने पर मजबूर कर दिया और जमकर हंगामा किया. ग्रामीणों के हंगामे की सूचना मिलने पर सदर SDO अमित अनुराग की देखरेख में गुरुवार की दोपहर बाद वारिसलीगंज थाना परिसर में चैनपुरा के ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई. बैठक में ग्रामीणों की समस्याएं को सुना गया. मौके पर काफी संख्या में चैनपुरा समेत कई गांव के लोग तथा गणमान्य मौजूद थे.
SDPO राकेश कुमार भास्कर और थानाध्यक्ष indpector पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने विवादित कार्यस्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सीमेंट फैक्ट्री में बिजली आपूर्ति के लिए प्रस्तावित 133 केवी लाइन से चैनपुरा गांव की खेतीहर और आवासीय भूमि वास्तविक रूप से प्रभावित हो रही है. सदर एसडीओ अमित अनुराग ने बताया कि चैनपुरा, लीला बिगहा, मसुदा सहित अन्य गांवों के किसानों की समस्याओं और आशंकाओं की पूरी जानकारी एकत्र कर वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन के माध्यम से भेजी जाएगी.
बता दें कि सीमेंट फैक्ट्री में बिजली आपूर्ति को लेकर इससे पहले भी प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था. उस समय वासोचक पावर ग्रिड से निकलने वाली 133 केवी लाइन को मकनपुर गांव के उत्तर दिशा से ले जाने का सर्वे किया गया था. लेकिन वहां भी खेतीहर और आवासीय भूमि प्रभावित होने की बात सामने आने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद प्रशासन द्वारा बैठक कर रूट में परिवर्तन किया गया. बदले गए रूट में अब मकनपुर के साथ - साथ लीलाविगहा, सफीगंज, मसुदा और चैनपुरा गांव भी प्रभावित हो रहे हैं.
योजना से आधा दर्जन गांव हो रहे प्रभावित :
सीमेंट फैक्ट्री के चालू होने को लेकर क्षेत्रवासियों में पहले से ही विभिन्न कारणों से असंतोष व्याप्त है. धूल कण उड़ने, स्थानीय लोगों को अपेक्षित रोजगार नहीं मिलने और पर्यावरणीय प्रभाव जैसी समस्याओं को लेकर ग्रामीण आशंकित हैं. लेकिन फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही आधा दर्जन गांवों के रास्ते 133 हजार वोल्ट की हाई वोल्टेज लाइन बिछाने के लिए किसानों की बहुमूल्य जमीन पर पोल और टावर गाड़े जा रहे हैं, जिससे किसानों में भारी रोष है.
नए सर्वे के अनुसार वासोचक, मकनपुर, लीलाविगहा, चैनपुरा सहित अन्य गांवों के खेतों से बिजली तार गुजारी जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कंपनी द्वारा किसानों से किसी प्रकार की पूर्व सहमति या संवाद नहीं किया गया और मनमाने तरीके से सर्वे और कार्य शुरू कर दिया गया. इस संबंध मे विद्युत अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार अम्बष्ठ ने बताया कि अडानी सीमेंट फैक्ट्री में बिजली आपूर्ति के लिए दूसरे रूट से कार्य करने पर विभाग को पहले की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक खर्च वहन करना पड़ रहा है. इस रूट में अधिक संख्या में टावर, पोल और अतिरिक्त तार की आवश्यकता पड़ेगी.
- चंद्रमौलि शर्मा.
बिना पूर्व सूचना के खेतिहर व आवासीय भूमि से 133 केवी का विद्युत लाइन बिछाने और टावर लगाने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
Reviewed by News today 365
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January 09, 2026
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