Bihar News : Nawada : नवादा जिलांतर्गत वारिसलीगंज नगर के मेन रोड स्थित आवास पर शुक्रवार की सुबह मगही मंडप अध्यक्ष सह नेशनल इंटर विद्यालय, माफी के सेवानिवृत शिक्षक मिथिलेश प्रसाद सिन्हा का अचानक निधन हो गया. वे करीब 92 वर्ष के थे. वे काशीचक प्रखंड के खखरी ग्राम निवासी तथा मगही कवि, रचनाकार, साहित्यकार तथा लेखक थे. इनकी स्वरचित कई रचनाएं तथा पुस्तकें प्रकाशित हैं. वे ऑनलाइन देश - देशान्तर मगहिया दालान के मुख्य संयोजक थे.
इस संबंध में राहुल & बाबुल बस संचालक सह पैक्स अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि स्व. मिथिलेश बाबू वारिसलीगंज स्थित मेरे मकान में कई वर्षों से सपरिवार रहते थे. अचानक आज शुक्रवार की सुबह हम सबको छोड़कर सदा के लिए चले गए. वे अत्यंत सरल, सहृदयी, मिलनसार तथा सबों को साथ लेकर चलने वाले थे. इनके निधन से जिलावासियों को गहरा सदमा पहुंचा है
इनके निधन पर शिक्षाविद डा. गोविंद जी तिवारी, जेपीएस आईटीआई निदेशक सह मुखिया राजकुमार सिंह, प्रखंड साक्षरता सचिव अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, हीरो मोटोकॉर्प संचालक राजेश कुमार मंटू, सीपीआई नेता बसंत कुमार सिंह, भाजपा अतिपिछड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष अधिवक्ता विजय कुमार राय,
पत्रकार अशोक कुमार, उमाशंकर पाठक, मिथिलेश कुमार, मनीष कमलिया, सुजीत कुमार, बिपिन कुमार, मनोज कुमार, सुबोध कुमार, सानू सिंह, संतोष कुमार, प्रदीप कुमार, निर्भय कुमार मुकेश, अभय रंजन गुड्डू, कलाकार प्रेम कुमार समेत कलाकारों, पत्रकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा राजनैतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है. इन लोगों ने उनके घर जाकर परिजनों को ढांढस भी बंधाया.
वहीं, राष्ट्रीय वरीय नागरिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह पूर्व अंचल अधिकारी श्यामसुंदर दूबे के नेतृत्व में दिवंगत मिथिलेश बाबू के आवास पर उनके पार्थिव शरीर पर वरिष्ठ नागरिकों ने फूल माला चढ़ाकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. जबकि अखिलेश्वर सिंह के नेतृत्व में सीपीआई के कार्यकर्ताओं ने उनके पार्थिव शरीर को सीपीआई के लाल झंडे से लपेटकर पुष्पांजलि अर्पित की. मौके पर केदार सिंह, अनिल यादव, कपिलदेव चौरसिया, ललन कुमार सिंह, गोरेलाल सिंह आदि उपस्थित थे.
दिवंगत मगही कवि मिथिलेश बाबू के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नेशनल इंटर विद्यालय, माफी लाया गया. वहां विद्यालय परिवार ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन चढ़ाए. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को ग्रामीणों के अंतिम दर्शन के लिए खखरी गांव ले जाया गया. वहां से पार्थिव शरीर को दाह - संस्कार के लिए गंगा घाट मरांची ले जाया जा रहा है.
- चंद्रमौलि शर्मा.
नहीं रहे कलम के जादूगर मगही कवि मिथिलेश, सबों को रुलाकर सदा के लिए चले गए परदेस
Reviewed by News today 365
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August 13, 2026
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