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समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करते थे मिथिलेश बाबू, वे हम सबों के हैं प्रेरणा स्रोत - प्रो. डा. बच्चन पांडेय

Bihar News : Nawada : नवादा जिले के वारिसलीगंज स्टेशन रोड स्थित 'तुमड़िया बाबा भवन' में शुक्रवार को मगही लोक भाषा के प्रसिद्ध कवि, साहित्यकार व लेखक दिवंगत मिथिलेश प्रसाद सिन्हा की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रखंड अध्यक्ष श्यामसुंदर दूबे ने की. जबकि कार्यक्रम का संचालन कॉ. अखिलेश्वर सिंह ने किया.

सर्वप्रथम दिवंगत मिथिलेश बाबू की तस्वीर पर लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. तत्पश्चात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. डा. बच्चन कुमार पांडेय ने कहा कि दिवंगत मिथिलेश बाबू हम सबों के चहेते थे. उनके चले जाने से वरिष्ठ नागरिक संघ ने एक अभिभावक, मार्गदर्शक, शुभचिंतक तथा सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करने वाला हितैषी खो दिया है. नवादा जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष परशुराम सिंह ने कहा कि मिथिलेश बाबू हम सबों के प्रेरणा स्रोत थे. 

संघ के प्रखंड अध्यक्ष श्यामसुंदर दूबे ने कहा कि स्वर्गीय मिथिलेश बाबू राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रखंड संरक्षक थे. उनके बताए रास्ते पर चलना तथा उनके अधूरे सपने को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी 

शिक्षाविद डा. गोविंद जी तिवारी ने कहा कि मिथिलेश बाबू शिक्षक के साथ ही समाज के सजग प्रहरी थे. उनका यूं ही चला जाना हम सब को असहज कर दिया. कॉ. प्रो. रामनरेश सिंह ने कहा कि वे "देश देशान्तर मगहिया दालान" के माध्यम से सारे कवियों तथा लेखकों से ऑनलाइन प्रतिमाह संवाद करते रहते थे.  

अखिलेश्वर सिंह ने कहा कि मिथिलेश बाबू अपनी कविताओं, पुस्तकों तथा रचनाओं के माध्यम से हम सबों के बीच सदा जीवित रहेंगे. जेपीएस आईटीआई निदेशक सह मुखिया राजकुमार सिंह ने कहा कि मिथिलेश बाबू शोषित, पीड़ित, वंचित लोगों की मुखर आवाज थे. उनके चले जाने से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है. संघ के प्रखंड महासचिव नागेंद्र शर्मा "बंधु" ने कहा कि मिथिलेश बाबू हर समाज और वर्ग के लोगों के साथ ऐसे घुलमिल जाते थे, जैसे पानी या दूध में चीनी जिसे एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता.

अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा ने कहा कि मिथिलेश बाबू "सारथी" पत्रिका के संपादक तथा अपसढ ग्रामीण व प्रखर स्वतंत्रता सेनानी ज्वाला प्रसाद सिंह की जीवनी पर लिखित पुस्तक "जिनने छिटकाई चिंगारी" के लेखक भी थे. उनके चले जाने से समाज को बहुत क्षति हुई है. कॉ. केदार सिंह ने कहा कि मिथिलेश बाबू अवाल वृद्ध नर-नारी के परम  हितैषी तथा आत्मविश्वास के धनी व्यक्ति थे. उनके चले जाने से वरिष्ठ नागरिकों को गहरी क्षति हुई है. 

कार्यक्रम को अन्य लोगों के अलावा जद (यू) नेता अनिल यादव, पूर्व दारोगा गोरेलाल सिंह, कपिलदेव चौरसिया, बांसुरी वादक प्रेम कुमार, पूर्व रेल अधिकारी अर्जुन दास मिश्रा, डा. कैलाश प्रसाद, शिक्षक सह मिथिलेश बाबू के दामाद जयंत कुमार, मिथिलेश बाबू के कनिष्ठ सुपुत्र शिशु जी आदि ने मिथिलेश बाबू के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया. इस अवसर पर काफी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे. 

बैठक में दिवंगत मिथिलेश प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद केदार सिंह (कुटरी) को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक संघ का संरक्षक चुना गया. CPI के नेताओं ने भी मिथिलेश बाबू को लाल सलाम और अमर रहें नारे के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दिवंगत मिथिलेश बाबू की आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन रखा गया. 

बता दें कि मिथिलेश बाबू का निधन 14 अगस्त को वारिसलीगंज नगर स्थित आवास पर हुआ था. दाह-संस्कार सिमरिया गंगा तट पर किया गया. श्राद्ध कार्यक्रम उनके पैतृक गांव काशीचक प्रखंड के खखरी ग्राम में संपन्न होगा.

                                                - चंद्रमौलि शर्मा.

                   




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