गर्भ में पल रहे शिशुओं की तंदुरुस्ती के लिए गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार लेना जरूरी : डा. अर्चना
Nawada जिले के वारिसलीगंज माफी गढ़ स्थित रेफरल अस्पताल में शुक्रवार को प्रधानमंत्री मातृत्व जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में नगर तथा प्रखंड क्षेत्र से पहुंची 423 गर्भवती माताओं की विभिन्न प्रकार की जांच की गई. इसके बाद आवश्यक दावा एवम सलाह दिया गया.
स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. आरती अर्चना की देखरेख में आयोजित शिविर में चिकित्सकों, नर्सों तथा आशा दीदियों ने भरपूर सहयोग किया. गर्भवती महिलाओं में हिमोग्लोबिन, ब्लड सुगर, बल्ड ग्रुप, एचआईवी विडाल, यूरीन, वीडीआरएल सहित गर्भवती महिलाओं की पेट में पल रहे शिशु की गतिविधि की जांच की गई. तत्पश्चात जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम, आयरन, पैरासिटामोल तथा अन्य आवश्यक दवाइयां दी गई.
डा. आरती अर्चना ने बताया कि सभी माताएं प्रतिदिन पौष्टिक आहार के साथ मौसमी एवम ताजे फलों को भोजन में शामिल करें. इससे गर्भ में पलने वाले शिशु निरोग पैदा होंगे. शिविर में आई 423 गर्भवती महिलाओं की जांच में 29 महिलाओं को हाई रिस्क में चिह्नित किया गया. जिनमें एनीमिया की 4, हाइपोथराइज के 2, एलएससीएस की 6 तथा अन्य प्रकार की परेशानी से पीड़ित कुल 29 महिलाओं को चिह्नित किया गया.
महिलाओं को जांच के बाद दवाई देकर चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी. नजदीकी आशा कर्मी तथा एम्बुलेंस नंबर रखने की सलाह दी गई. गर्भवती माताओं को चिकित्सकों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत अपने नजदीकी आशाकर्मी तथा एम्बुलेंस चालक को सूचित करें.


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