पूर्व राज्य मंत्री राजबललभ यादव के जेल से बाइज्जत बरी किए जाने के साथ ही उनके चुनाव लडने का रास्ता साफ, जिले की राजनीति में मचा तूफान
Bihar News : Nawada : Patna High Court द्वारा Posco Act के तहत जेल में आजीवन सजा काट रहे Ex State Minister Rajballabh Prasad Yadav समेत सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त करार देने के बाद नवादा जिले की राजनीति में तूफान मच गया है. माननीय पटना उच्च न्यायालय के बाइज्जत बरी किए जाने के आदेश के पश्चात राजबल्लभ प्रसाद यादव के विधानसभा चुनाव लडने का रास्ता साफ हो गया है.
अब कौन किसको पटकनी देगा ?, इसका इंतजार हर किसी को है. यूं तो हर चुनाव के पूर्व राजनीतिक दलों में दल-बदल का सिलसिला चलता ही रहता है. यह सिलसिला टिकट बंटवारे के बाद ही समाप्त होता है. इस बार भी जिले में सिलसिला शुरू हो चुका है. शुरुआत यादवों की दो धुरी से आरंभ हुआ है.
एक धुरी के नेता, जो वर्षों तक तीर थाम रखे थे, इस बार लालटेन जलाने के लिए Tejasvi Yadav के समक्ष राजद की सदस्यता ग्रहण कर ली है. दूसरी धुरी के नेता अबतक अपना पत्ता नहीं खोले हैं. वैसे राजनीति के जानकारों का मानना है कि इससे कोई विशेष फर्क पड़ने वाला नहीं है. पूर्व में भी दोनों नेता दो धुरी के ही सदस्य थे. लेकिन एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकता, वैसे में वे खुद इधर -उधर भटकने को मजबूर हैं.
लंबे समय तक जनता दल यूनाइटेड में सक्रिय रहे जिले के कद्दावर नेता और कई बार पति-पत्नी विधायक रह चुके कौशल यादव ने अब RJD का दामन थाम लिया है. नारदीगंज में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा था कि अब उनके नेता नीतीश कुमार नहीं बल्कि तेजस्वी यादव हैं.
सम्मेलन में अपने जोशीले भाषण के दौरान कौशल यादव ने कहा था, “मैंने ठान लिया है कि अब तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के हाथों को मजबूत करना है. वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में नवादा की पांचों सीटें राजद की झोली में डालना मेरा लक्ष्य है. कहा था कि उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी है, सिर्फ अपने रास्ते बदले हैं. “हमने राजनीति में हमेशा हर समाज को साथ लेकर चलने और उन्हें सम्मान देने की कोशिश की है. अब वक्त है कि नवादा की राजनीति में नई ऊर्जा लाई जाए.”
नवादा में मजबूत होगी RJD
राजबल्लभ परिवार पर निशाना साधते हुए कौशल यादव ने संकेत दिया था कि वे नवादा की राजनीति में एक विकल्प के रूप में उभरना चाहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा था कि राजद अब नवादा में मजबूती से उभरेगी और खुद को हर समाज का प्रतिनिधि साबित करेगी. कभी Nitish Kumar के करीबी माने जाने वाले Kaushal Yadav के इस निर्णय से नवादा की सियासत में खलबली मच गई थी. Social media पर उनके बयान तेजी से वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया था.
JDU को बड़ा झटका
कौशल यादव के इस कदम ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव में जिले की लड़ाई बेहद दिलचस्प और टकराव से भरी होने वाली है. उनके इस ऐलान से राजद को नया बल और जदयू को बड़ा झटका माना जा रहा था. साथ ही, चुनाव नजदीक आते-आते नेताओं के दल-बदल का सिलसिला शुरू हो जाएगा. इससे राजनीतिक समीकरण बदल सकता है. हालांकि जेडीयू, NDA का हिस्सा बनकर ही चुनावी मैदान में उतरने वाली है. ऐसे में राजद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
कौशल-पूर्णिमा के साथ पूर्व जदयू जिलाध्यक्ष सह Ex MLC सलमान रागिव ने भी दल-बदल कर राजद का दामन थाम लिया था. तब लोगों को उम्मीद नहीं थी कि राजवल्लभ यादव जेल से बाहर वह भी दोषमुक्त होकर आयेंगे. अब जब वे वापस आ रहे हैं तो चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव आना लगभग तय है. आमलोगों का ध्यान इस तरफ लगा हुआ है.













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