बुधौली महादलित मुखिया हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, शूटर और उप मुखिया समेत तीन गिरफ्तार, दो पहले भेजे जा चुके हैं जेल, पुलिस ने कांड का किया राजफास
पुलिस ने Nawada जिलांतर्गत पकरीबरावां प्रखंड के बुधौली पंचायत के महादलित मुखिया पप्पू मांझी हत्याकांड का राजफाश कर लिया है. इस मामले में 3 अन्य की गिरफ्तारियां की गई है. गिरफ्तार होने वालों में शूटर, पंचायत की उपमुखिया अनुज उर्फ छोटू पांडेय शामिल है. 2 लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है.
पकरीबरावां SDPO महेश चौधरी ने घटना के बारे में बताया कि मुखिया पप्पू मांझी की हत्या बुधौली इंटर विद्यालय परिसर में सुप्तावस्था में गोली मारकर की गई थी.
SP ने SDPO पकरीबरावां के नेतृत्व में SIT का गठन कर कार्रवाई का आदेश दिया था. अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई कि मुखिया पप्पू मांझी को बुधौली गांव निवासी उग्रीन प्रसाद के पुत्र अमरेन्द्र कुमार तथा दिऔरा गांव निवासी रामानंद शर्मा का पुत्र मनीष ने उम्मीदवार बनाकर मुखिया बनवाया था.
मुखिया बनने के बाद साल 2019 से अबतक पप्पू केवल सरकारी योजना की राशि निकालने के लिए अंगूठा लगाता रहा था. सभी राशि अमरेन्द्र कुमार और मनीष सिंह लेते रहे. इस बात को लेकर मुखिया के घर में विवाद हो रहा था.
इधर, एक-दो माह से मुखिया पप्पू मांझी किसी भी योजना मद की राशि पर हस्ताक्षर नहीं कर रहा था. यहां तक कि गांव के ही इंटर विद्यालय में बॉउंड्री बाल का निर्माण करा रहे अमरेन्द्र कुमार एवं मनीष सिंह को काम करने से रोक दिया था. इस बात को लेकर अमरेन्द्र कुमार और मनीष सिंह काफी गुस्से में रहा करते थे.
मुखिया से निपटने के लिए अमरेन्द्र और मनीष ने नई रणनीति पर काम शुरू किया और पंचायत के भलुआ गांव निवासी उप मुखिया अनुज कुमार पांडेय उर्फ छोटू पांडेय से मिलकर कहा कि तुमको मुखिया बनना है तो मेरा साथ दो. इसपर छोटू पांडेय तैयार हो गया। दोनों ने पहले मुखिया पप्पू मांझी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
उप मुखिया बुधौली गांव के ही रामा चौधरी के साथ बराबर बैठकर गांजा पिया करता था. गांजा पीने के क्रम में छोटू पांडेय ने रामा चौधरी से कहा कि कोई ऐसा लड़का बताओ जो किसी की हत्या कर सकता है. रामा चौधरी ने कहा कि बगल के गांव कोइरिया बिगहा का गोपाल विश्वकर्मा का पुत्र निखिल कुमार यह काम कर सकता है.
रामा चौधरी ने निखिल कुमार को छोटू पांडेय से मिलाने का काम किया. 2 लाख 50 हजार रुपये में निखिल काम करने को तैयार हो गया. छोटू ने निखिल को एडवांस के रूप में 10 हजार रुपये दिया. शेष राशि काम होने के बाद देने को कहा.
घटना के दिन मनीष सिंह रात्रि 9 बजे मुखिया पप्पू मांझी को फोन कर बोला कि तुमको अमरेन्द्र इंटर विद्यालय के साईड पर बुलाया है. उस दिन छोटू तथा रामा गांजा पी रहा था और निखिल पास में ही बैठा था. इसी दौरान उप मुखिया छोटू ने निखिल को हथियार और गोली उपलब्ध करा अपना घर चला गया.
तब रामा चौधरी और निखिल स्कूल के पास पहुंचकर पप्पू मांझी के सोने का इंतजार करने लगा. पप्पू मांझी उस स्थान पर तीन लोगों के साथ सोया हुआ था. रामा चौधरी ने पप्पू मांझी का पहचान कराया और खुद दिवाल के पीछे छिप गया. उसके बाद निखिल अपने पास में रहे हथियार से पप्पू मांझी को गोली मार दिया जिससे उसकी मौत घटना स्थल पर हो गई.
पुलिस ने घटना को अंजाम देने में प्रयोग किये गए हथियार बरामद कर लिया. बरामद हथियार में एक कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा तथा दो बारूद भरा हुआ खोखा शामिल है. गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 13 जून की रात को घटना को अंजाम दिया गया था.
इस मामले में मनीष तथा अमरेंद्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. शेष तीन आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो गई. इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ गया.


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