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वारिसलीगंज स्टेशन पर यात्री सुविधा उपलब्ध कराने को ले विधायक प्रतिनिधि तथा रेल यात्री संघर्ष मोर्चा ने DRM को सौंपा ज्ञापन

 

पूर्व मध्य रेलवे के किऊल-गया रेलखंड में वारिसलीगंज से नवादा रेल लाइन का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण के बाद स्पीड ट्रायल करने आये दानापुर मंडल रेल प्रबंधक जयंत चौधरी को विधायक अरुणा देवी के प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं तथा रेल यात्री संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों से संबंधित आवेदन सौंपा.

DRM ने अधिकांश मांगों की पूर्ति का भरोसा दिया.
सोमवार को दोनों तरफ से सौंपे गए आवेदन में कहा गया कि किउल -गया रेलखंड का वारिसलीगंज स्टेशन एक व्यावसायिक रेलवे स्टेशन है. यहाँ रेलवे रैक प्वायंट के कारण मालगाड़ी से हमेशा सामानों की ढुलाई होती रहती है. प्रतिवर्ष इस स्टेशन से करोड़ो रूपये का मुनाफा विभाग को होता है.

इस स्टेशन से बिहार के निकटवर्ती नालन्दा, शेखपुरा जमुई आदि जिले के सुदूर गॉवो से आकर लोग ट्रेन पकड़ते है. कामाख्या एक्सप्रेस तथा गया-हावड़ा एक्सप्रेस के अलावे अन्य कोई एक्सप्रेस ट्रेन यहाँ नही रूकती है. यहाँ से  दिल्ली, पुणे, वनारस आदि के यात्रियों को 30 से 80 कि०मी० दूरी तय कर ट्रेन चढना पड़ता है. स्टेशन का विकास कार्य जारी रहने के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है.

संघर्ष मोर्चा तथा विधायक अरुणा देवी ने वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन पर शीघ्र यात्री सुविधाओं की बहाली से संबंधित जिन मांगों को सौंपा है, उनमें वरिसलीगंज रेलवे स्टेशन से दिल्ली, पुणे आदि होकर गुजरने वाली हमसफर ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने के साथ ही जो भी ट्रेन इस स्टेशन होकर गुजरे, उसका ठहराव वारिसलीगंज स्टेशन पर करने की मांग की गई.

वहीं, स्टेशन रोड से पूरब वरवीघा रोड तक जाने के लिए उपरी पैदल पुल बनाने की मांग की गई ताकि यात्रियों को जान खतरे में डालकर रेलवे ट्रेक पार न करना पड़े.
जबकि स्टेशन से पूरब प्लेटफॉर्म की तरफ टिकट काउन्टर खोलने, प्लेटफॉर्म पर आने जाने के लिए उपरी पुल, यात्री शेड, कुर्सी, रिटाइरिंग रूप वेटिंग हॉल, शौचालय, पेयजल जलपान गृह के साथ ही सतत स्वच्छता की व्यवस्था की मांग की गई है.

दूसरी ओर, इस बात की उल्लेख की गई है कि केजी सेक्शन का एक मात्र 13023/13024 (गया-हावड़ा एक्स०) मुख्य ट्रेन है. लेकिन छोटा रैक ( 14-16 बोगी) होने के कारण आधे यात्री टिकट के बावजूद नहीं चढ़ पाते है. अत: इसे फूल रैक (24 बोगी) बनाने की मांग की गई.

वहीं, वारिसलीगंज स्टेशन पर एक रेलवे पूछताछ कार्यालय खोलने, रेलवे की परती जमीन पर मार्केट बनाकर गरीबों, बेरोजगारो तथा जरूरतमंदों के बीच उचित किराया निर्धारित कर आवंटित करने, स्टेशन के पूरब की ओर स्थित एस० जी० बी० के साहू इंटर विद्यालय के विधार्थियों के लिए पैदल ऊपरी पुल बनाने, रेलखण्ड के दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण के दरम्यान जिन गाँवों का मुख्य मार्ग से संपर्क बाधित है वहाँ समपार फाटक अथवा अंडर पास बनाने की मांग की गई.

जबकि रेल यात्रियों तथा रेल सामानो की सुरक्षा के लिए वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस पिकेट की व्यवस्था की मांग की गई. सबसे बड़ी बात रही कि डीआरएम ने लगभग सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया. तत्पश्चात रेलवे सैलून से वे 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड में ट्रेन चलाकर नवादा के नव निर्मित रेलवे स्टेशन पहुंचे. डीआरएम के साथ वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक प्रभास राघव, मुख्य संरक्षा आयुक्त पूर्वी सर्किल कोलकाता शुभमोय मित्रा, स्टेशन प्रबंधक सुमन कुमार सहित दर्जनों रेल अधिकारी साथ थे. इसके साथ ही वारिसलीगंज से नवादा तक डबल लाइन से ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ हो जाएगा.

वारिसलीगंज स्टेशन पर ज्ञापन सौंपे जाने में विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह, मुखिया राजकुमार सिंह, रालोजपा नेता सियाराम सिंह, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, जिला समरसता प्रमुख विजय कुमार राय, जदयू नगर अध्यक्ष अजय कुमार राय, भाजपा नेता देवाश्रय सिंह, निरंजन कुमार, संजय कुमार मंगल, शम्भु कुमार मुन्ना, मिथिलेश पासवान, संजीव कुमार दीपू, राजद प्रखंड अध्यक्ष मुनेश्वर प्रसाद कुशवाहा, अनिल यादव, जनार्दन प्रसाद, संजय कुमार, संतोष कुमार संटू आदि मौजूद थे.

                                             -  चंद्रमौलि शर्मा.

 

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