मुख्यमंत्री नें किया वारसलीगंज में 1600 करोड़ की लागत से बनने वाली अडानी समूह की ACC अंबुजा सीमेंट ग्राइंडिग प्लांट का शिलान्यास
Bihar के CM नीतीश कुमार ने शनिवार की दोपहर बाद Nawada जिले के वारिसलीगंज के बंद पड़े चीनी मिल की भूमि पर ACC Ambuja सिमेंट ग्राइंडिंग प्लांट का शिलान्यास किया. इसके पूर्व ऐतिहासिक शीतल जलप्रपात ककोलत सौन्दर्यीकरण कार्य का लोकार्पण कर सड़क मार्ग से वे वारिसलीगंज पहुंचे.
मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए AGM प्रभात श्रीवास्तव ने कहा कि adani Cement ने जिले के वारिसलीगंज में 1,600 करोड़ रुपये के निवेश से सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई की स्थापना करने जा रही है. 6 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली इस इकाई से उत्पादन क्षमता में वृद्धि, स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने और राज्य की बुनियादी ढांचे की मांगों को पूरा करने के साथ-साथ कंपनी के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप काम करने की उम्मीद है.
गौतम अडानी के स्वामित्व वाली अडानी सीमेंट ने जिले के वारिसलीगंज में एक नई सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई स्थापित करने के लिए 1,600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है. यह विकास कंपनी के विस्तार प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और कई रोजगार के अवसर पैदा करना है. 6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की सुविधा अडानी सीमेंट की उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी, जिससे बिहार और पूरे भारत में सतत बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए इसकी प्रतिबद्धता मजबूत होगी.
परियोजना को तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये के निवेश से 2.4 MTPA का पहला चरण दिसंबर 2025 तक चालू करने का लक्ष्य है. कहा, "भविष्य के विस्तार के लिए भूमि का पर्याप्त प्रावधान किया गया है, जिसे बहुत कम पूंजीगत व्यय पर नियत समय में चालू कर दिया जाएगा."
जिले के वारिसलीगंज प्रखंड स्थित यह स्थल सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. वारिसलीगंज रेलवे स्टेशन आधा किमी दूर है और एसएच-83 स्थल से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर है.आगामी सीमेंट ग्राइंडिंग इकाई से क्षेत्र पर परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और राज्य की बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा. अदानी सीमेंट का निवेश पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करते हुए भारत के आर्थिक विकास में योगदान देने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप है.बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) द्वारा आयोजित शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "अडानी समूह द्वारा किया गया यह निवेश बिहार की विकास क्षमता और बिहार के लोगों के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है."
बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, राज्य के राजकोषीय राजस्व में प्रति वर्ष लगभग 250 करोड़ रुपये का योगदान देने और राज्य के लिए 250 प्रत्यक्ष रोजगार और 1000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से, यह कार्यक्रम वन पर्यावरण सह जिला प्रभारी मंत्री प्रेम कुमार, विधायक अरुणा देवी जैसे कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित की गई.बता दें कि 29 जुलाई को ही CM Nitish Kumar Cement factory का शिलान्यास करने के लिए वारिसलीगंज आने वाले थे. परंतु अचानक उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया. सिर्फ अहमदाबाद से आए ब्राह्मणों ने कंपनी के अधिकारियों एवम कर्मियों के बीच उसी दिन वस्तु पूजन कराया. इसके चलते कई प्रकार की बातें की जाने लगी थी. परंतु शनिवार को मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार ने फैक्टरी का शिलान्यास कर सारी आशंकाओं को निर्मूल कर दिया.
इस अवसर पर पूर्व जिला पार्षद अखिलेश सिंह, जेडीयू नेता डा. अजय कुमार रविकांत, समाज सेवी श्रवण सिंह, जिला पार्षद अंजनी सिंह, प्रखण्ड प्रमुख रवि देवी, विधायक प्रतिनिधि ई. रामसकल सिंह, प्रमोद कुमार चुन्नू, विधानसभा संयोजक शैलेंद्र सिंह, भाजपा जिला महामंत्री शैलेंद्र शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता चंद्रमौलि शर्मा, प्रियरंजन श्रीनिवास, मुखिया राजकुमार सिंह, मुखिया गौतम सिंह, सह जिला संघचालक डा. रणजीत कुमार, जद यू के अजय कुमार राय, अरबिंद कुमार कुशवाहा, संजय कुमार मंगल, श्रीकांत प्रसाद बमबम समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम में कुछ खास लोगों को ही आमंत्रित किया गया था.





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